sparrow in hindi | गौरैया के बारे में रोचक जानकारी

sparrow information in hindi-

गौरैया

  • गौरैया एक बहोत ही छोटी चिड़िया है इसकी लंबाई लगभग 4 से 8 इंच तथा वजन 22 ग्राम से 40 ग्राम तक होता है।
  • गौरैया अन्य पक्षियों की तरह जंगलो में नहीं बल्कि इनके विपरीत ये शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहना पसंद करती है।
  • नर गौरैया घोसले के निर्माण के दौरान मादा गौरैया को आकर्षित करने का प्रयास करता है यदि मादा गौरैया संभोग में रुचि रखती है तो वह आगे घोसले के निर्माण में मदद कर सकती है।
  • गौरैयों की संख्या में बहोत ही तेजी से गिरावट आ रही है, कुछ शहरी क्षेत्रों में इनकी संख्या का 99% गिरावट देखने को मिली है।
  • एक समय मे गौरैया दुनियाभर में बड़ी संख्या में पाए जाते थे लेकिन अब ये पक्षी धीरे-धीरे लुप्तप्राय सूची में अपना स्थान बना रहे हैं।
  • वास्तव में गौरैया का स्वभाव मांस खाने वाला था लेकिन जब लोगों के बीच रहना सीखी तब ये अपने खाने की आदतें बदल ली, गौरैया मुख्य रूप से पतंगे और अन्य छोटे कीड़े खाते हैं, लेकिन वे बीज, और फल भी खा सकते हैं।
  • नर और मादा गौरैयों की पहचान इनके पंखो से की जा सकती है क्योंकि नर गौरैया का पंख लाल तथा पीठ पर काली बिब होती है तथा मादा गौरैया के धारियों के साथ काले रंग की पीठ होती है।
  • गौरैया भले ही पानी की पक्षी नहीं है लेकिन शिकारियों से बचने के लिए गौरैया पानी मे भी बहोत तेजी से तैर सकती है।
  • गौरैया हमेशा झुंड में रहती है इसलिए इन्हें सामाजिक भी कहा जाता है।
  • गौरैया जब जमीन पर चलती तब वो सीधा न चलकर बल्कि फुदकते हुवे चलती है।
  • आमतौर पर गौरैया 38 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकती है लेकिन जरूरत पड़ने पर (खतरे के समय मे) 49 किलोमीटर प्रति घण्टे से उड़ती है।
  • गौरैया के मुख्य शिकारी कुत्ता, बिल्ली, लोमड़ी और सांप होते है। गौरैया इन जानवरों के लिए आसान भोजन है।
  • गौरैया तीन से पांच अंडे देती है और इनके लिए ये तीन घोसले बनाती है, नर और मादा दोनों 12 से 15 दिनों तक अंडे सेतें है और लगभग 15 दिनों में ये बाहर आ जाते है।
  • नर गौरैया पतझड़ और सर्दियों के मौसम में मादा गौरैयों पर हावी होते है जबकि मादा गौरैया वसंत और गर्मियों के समय मे हावी होती है।
  • गौरैया धूल मिट्टी के साथ खेलना पसंद करते है तथा वे खुद की मिट्टी में गंदा कर लेते है और स्नान करने की कोशिश करते है।
  • गौरैया जंगल मे 4 से 5 साल तक जीवित रह सकती है लेकिन सबसे पुरानी गौरैया को 15.9 तक जीवित मानी गयी है।

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